Bharatendu Harishchandra described his journey to Haridwar,
highlighting its serene nature, the sacred Ganga, ghats, and the spiritual presence of saints.
This pilgrimage is a unique place of peace, devotion, and renunciation.
हिंदी में (Hindi)
भारतेंदु हरिश्चंद्र ने अपनी हरिद्वार यात्रा का वर्णन करते हुए वहाँ की प्रकृति,
पवित्र गंगा, घाटों और साधुओं का अद्भुत अनुभव साझा किया।
यह तीर्थ शांति, भक्ति और वैराग्य का अद्वितीय स्थान है।
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Practice MCQ Questions
(25 questions)
Q1. यह पाठ किसकी रचना है?
✓ Correct Answer: B
Q2. भारतेंदु हरिश्चंद्र हरिद्वार की यात्रा पर कब गए थे?
✓ Correct Answer: B
Q3. यह पत्र किस पत्रिका के संपादक को लिखा गया था?
✓ Correct Answer: C
Q4. भारतेंदु हरिश्चंद्र हरिद्वार में कहाँ ठहरे थे?
✓ Correct Answer: B
Q5. हरिद्वार में गंगा की दो धाराओं के नाम क्या हैं?
✓ Correct Answer: B
Q6. हरिद्वार के क्षेत्र में मुख्य तीर्थ कितने बताए गए हैं?
✓ Correct Answer: C
Q7. हरिद्वार के कौन-से प्रसिद्ध स्नान घाट का उल्लेख है?
✓ Correct Answer: B
Q8. भारतेंदु हरिश्चंद्र ने हरिद्वार के जल का स्वाद किससे तुलना की?
✓ Correct Answer: C
Q9. हरिद्वार में नीलधारा के तट पर किस देवी की मूर्ति का वर्णन है?
✓ Correct Answer: C
Q10. कनखल तीर्थ के संबंध में कौन-सी पौराणिक घटना का उल्लेख है?
✓ Correct Answer: B
Q11. भारतेंदु ने 'वृक्षों की उपमा' एक पैर से खड़े तपस्वी साधुओं से क्यों दी?
✓ Correct Answer: B
Q12. भारतेंदु हरिश्चंद्र ने यात्रा-लेखन को क्यों महत्त्वपूर्ण माना?
✓ Correct Answer: B
Q13. 'पत्थर पर का भोजन का सुख सोने की थाल के भोजन से बढ़कर था' — भारतेंदु ने यह क्यों कहा?
✓ Correct Answer: B
Q14. भारतेंदु ने गंगा जी को 'राजा भगीरथ की उज्ज्वल कीर्ति की लता' क्यों कहा?
✓ Correct Answer: B
Q15. 'यह निर्मल तीर्थ है कि इच्छा-क्रोध की खानि जो मनुष्य हैं वे वहाँ रहते नहीं' — इसका क्या तात्पर्य है?
✓ Correct Answer: B
Q16. 'पंडे यहाँ बड़े विलक्षण संतोषी हैं — एक पैसे को लाख करके मान लेते हैं' — भारतेंदु का यह व्यंग्य किस पर है?
✓ Correct Answer: B
Q17. इस पाठ में भारतेंदु हरिश्चंद्र का वर्णन किस साहित्यिक विधा में है?
✓ Correct Answer: B
Q18. भारतेंदु हरिश्चंद्र ने हरिद्वार की कुशा की विशेषता क्या बताई?
✓ Correct Answer: B
Q19. भारतेंदु ने हरिद्वार की प्रकृति को जिस काव्यात्मक भाषा में वर्णित किया है वह किस बात का प्रमाण है?
✓ Correct Answer: B
Q20. 'वृक्ष पत्थर मारने से फल देते हैं' — यह पंक्ति किस वृहत्तर सामाजिक संदेश को व्यक्त करती है?
✓ Correct Answer: B
Q21. इस पाठ की भाषा लगभग 150 वर्ष पुरानी है — इसका साहित्यिक और ऐतिहासिक महत्त्व क्या है?
✓ Correct Answer: B
Q22. भारतेंदु ने हरिद्वार के वर्णन में प्रकृति और धर्म को कैसे एक-दूसरे से जोड़ा?
✓ Correct Answer: B
Q23. इस यात्रा-वृत्तांत की साहित्यिक विशेषताएँ क्या हैं और यह हिंदी गद्य में किस प्रकार योगदान देता है?
✓ Correct Answer: B
Q24. 'मेरा तो चित्त वहाँ जाते ही ऐसा प्रसन्न और निर्मल हुआ कि वर्णन के बाहर है' — यह पंक्ति किस भावात्मक अनुभव को व्यक्त करती है?
✓ Correct Answer: B
Q25. भारतेंदु हरिश्चंद्र का शिक्षा के बारे में यह विचार कि 'शिक्षा की पूर्ति पुस्तकों से ही नहीं यात्राओं से भी होती है' — आज के संदर्भ में कितना प्रासंगिक है?
✓ Correct Answer: B
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