NCERT Class 2 Hindi – All Chapters
All chapters of NCERT Class 2 Hindi with notes, solutions, MCQ questions and video lectures. Study each chapter thoroughly with our free CBSE study material.
Chapters List
Chapter 1.0 – नीमा की दादी
नीमा रोज़ स्कूल से आकर अपनी दादी से ढेर सारी बातें करती है। एक दिन वह दादी को भी खेलने चलने के लिए कहती है। दादी खुश होकर उसके साथ मैदान की ओर चल पड़ती हैं।
Chapter 2.0 – घर
यह कविता हमारे प्यारे घर की है, जो माँ की गोद जैसा सुकून देता है। थककर लौटने पर घर हमें आराम और नई ताज़गी देता है।
Chapter 3.0 – माला की चाँदी की पायल
यह कहानी माला और उसकी चाँदी की पायल की है। पहले माला सबको डराती थी, लेकिन पायल की छम-छम से सब पहले ही भाग जाते थे। अंत में, माला ने पायल उतार दी ताकि वह फिर से सबको चुपके से डरा सके।
Chapter 4.0 – माँ
यह कविता माँ की ममता और प्रेरणा के बारे में है। माँ प्यारी, सच्ची और मिसरी जैसी मीठी होती हैं। बच्चे को साहस, जोश और विश्वास माँ से ही मिलता है।
Chapter 5.0 – थाथू और मैं
यह कहानी एक बच्ची और उसके दादाजी 'थाथू' के प्यारे रिश्ते की है। वे साथ सैर पर जाते हैं, बातें करते हैं और खूब मज़ा करते हैं। बच्ची अपने थाथू से बहुत प्यार करती है और उनके जैसी बनना चाहती है।
Chapter 6.0 – चींटा
यह कविता चींटा और चींटी की मज़ेदार बातचीत पर आधारित है। चींटा तरह-तरह की चीज़ें लाता है और घर सजाता है ताकि चींटी खुश हो जाए। प्यारी भाषा में रची यह कविता मेहनत, आतिथ्य और मिठास सिखाती है।
Chapter 7.0 – टिल्लू जी
टिल्लू जी बस्ता भूलकर स्कूल पहुँचे तो बहुत घबराए, लेकिन गेट पर छुट्टी का नोटिस देखकर खुश हो गए। फिर दौड़कर माँ से लिपट गए।
Chapter 8.0 – तीन दोस्त
तीन रंग – लाल, पीला और नीला – अच्छे दोस्त थे। उन्होंने मिलकर नए रंग बनाए और दुनिया को रंगीन और दोस्ताना बना दिया।
Chapter 9.0 – दुनिया रंग-बिरंगी
यह कविता चार रंगों – नीला, पीला, लाल और हरा – की सुंदरता को दिखाती है। प्रकृति और चीज़ों के रंगों के माध्यम से यह दुनिया को रंग-बिरंगी और मज़ेदार बनाती है।
Chapter 10.0 – कौन
यह कविता प्रकृति के महत्वपूर्ण तत्वों—चाँद, सूरज, नदियाँ, पर्वत, पेड़, फूल और बादल— के बिना जीवन की कल्पना करती है और उनके महत्व को बताती है। यह हमें सोचने पर मजबूर करती है कि इन सबके बिना हमारी दुनिया कैसी होती।
Chapter 11.0 – बैंगनी जोजो
यह कहानी जोजो नाम के सफ़ेद कुत्ते की है, जिसे अपने शरीर पर बैंगनी धब्बे मिलते हैं। जोजो यह पता लगाने की कोशिश करता है कि ये धब्बे किसने दिए, और अंत में उसे पता चलता है कि यह जामुन के पेड़ की वजह से हुए हैं।
Chapter 12.0 – तोसिया का सपना
तोसिया ने सपना देखा कि दुनिया से सारे रंग उड़ गए हैं, लेकिन जागकर उसने अपने आस-पास रंग-बिरंगे फूल, मसाले, और चीजें देखकर खुशी महसूस की। उसने जाना कि रंग कहीं नहीं गए और नानी के सफ़ेद बालों की कहानी सुनकर सपने का मतलब समझा।
Chapter 14.0 – बीज
यह कहानी एक बच्चे के अनुभव की है, जो एक बीज को गमले में लगाकर उसकी परवरिश करता है। वह सोचता है कि बीज से क्या उगेगा— पेड़, झाड़ी, फूल या फल— पर उसे नतीजे की परवाह नहीं, बस उसे देखभाल करना अच्छा लगता है।
Chapter 13.0 – तालाब
यह छोटा तालाब कई जीवों का घर है, जैसे केंचुए, साँप, केकड़े, मेंढक, कछुए, मछलियाँ, और उड़ने वाले मच्छर। तालाब के आसपास पेड़, मकड़ियाँ, और कई पक्षी भी रहते हैं, और सर्दियों में यहाँ सारस भी आते हैं।
Chapter 15.0 – किसान
किसान मेहनत और समर्पण से बिना आराम किए सुबह-सुबह उठकर खेतों में काम करता है। चाहे तेज गर्मी हो या भारी बारिश, वह हमेशा अपने खेतों की रखवाली करता रहता है।
Chapter 16.0 – मूली
नानाजी ने बगीचे में मूली लगाई और उसे उगते देखा। जब मूली निकालने की कोशिश की तो अकेले न निकल पाई, लेकिन परिवार के सभी सदस्य और कुत्ता मिलकर मेहनत करने पर मूली निकाल पाये।
Chapter 17.0 – बरसात और मेंढक
कमली और सोमारू को भूख लगी तो उन्होंने गाय से दूध मांगा। गाय ने दूध तभी दिया जब उसे हरी घास मिली। घास पानी मांगने लगी, पानी के लिए नदी को बरसात चाहिए थी। बरसात के लिए बादल को मेंढक की टर्र-टर्र आवाज़ चाहिए थी। मेंढक की मदद से बारिश हुई, नदी और घास हरी हुईं, और गाय ने दूध दिया।
Chapter 18.0 – शेर और चूहेकी दोस्ती
शेर गलती से चूहे को दबा देता है, लेकिन उसे छोड़ देता है। बाद में जब शेर जाल में फँसता है, तो चूहे ने अपने तेज़ दांतों से जाल काटकर उसकी मदद की। इससे शेर और चूहे की दोस्ती बन जाती है।
Chapter 19.0 – आउट
जीत और बबली छुट्टी के दिन खेल रहे थे। जब उनकी गेंद मोहित के ताले लगे आँगन में चली गई, तो बबली ने खुद गेंद बनाई और खेल फिर से शुरू किया। दोनों ने मिलकर मज़ेदार खेल खेला और खूब आनंद लिया।
Chapter 20.0 – छुपन-छुपाई
बहुत प्यारा छुपन-छुपाई का खेल! जीत ने गिनती करके सबको ढूँढा, और नाज़िया ने उसे चौंका दिया ऊपर से कूदकर धप्पा देकर।
Chapter 21.0 – हाथी साइकिल चला रहा था
हाथी की साइकिल और उस पर बैठी शान से ऐंठी चींटी — कितनी प्यारी और हँसाने वाली तस्वीर बन गई! और जब साइकिल चढ़ाई पर रुकी, तो चींटी ने बड़ी हिम्मत से कहा कि घबराने की ज़रूरत नहीं, मैं साथ हूँ।
Chapter 22.0 – चार दिशाए
यह कविता हमें चार मुख्य दिशाओं — पूरब, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण — के बारे में सिखाती है। जब हम सूरज की ओर मुंह करते हैं, तो सामने पूरब होता है, पीछे पश्चिम, बायीं ओर उत्तर और दायीं ओर दक्षिण होती है। इस प्रकार, चार दिशाओं को जानना आसान और जरूरी है।
Chapter 23.0 – चंदा मामा
यह कविता रात के समय चंदा मामा (चाँद) को देखने और उनकी चमक का आनंद लेने के बारे में है। बादल आकाश में आकर चंदा मामा को छिपा देते हैं, जिससे बच्चे उन्हें देख नहीं पाते। बादल फिर चले जाते हैं और चंदा मामा मुस्कुराते हुए फिर दिखाई देते हैं, जिससे बच्चे खुशी महसूस करते हैं।
Chapter 24.0 – गिरे ताल में चंदा मामा
यह कविता चंदा मामा के तालाब में गिरने की बात बताती है, जिसे सभी ने देखा। मछुआरे ने जब जाल उठाया, तो चंदा मामा कहीं नहीं मिले। यह कविता चंदा मामा की छवि के जादू और रहस्य को दर्शाती है।
Chapter 25.0 – सबसे बड़ा छाता
छोटे-छोटे छाते सभी को पूरी तरह से नहीं ढक पाते, इसलिए बड़ा छाता चाहिए। बड़ा छाता आसमान जितना बड़ा होगा, जो सारे शहर को बारिश से बचाएगा। कविता में दोस्त और परिवार के साथ मिलकर बारिश में छाते के अंदर सुरक्षित रहने की खुशी दिखती है।
Chapter 26.0 – बादल
बादल काले कंबल की तरह आसमान में छा जाते हैं और बारिश लाते हैं। बिजली चमकती है और गड़गड़ाहट होती है। बारिश में मोर नाचते हैं और कागज़ की नाव तैरती है।
Chapter 21.1 – डरो मत!
नरेंद्र को चंपक के पेड़ पर झूलना बहुत पसंद था, लेकिन उनके मित्र के दादाजी ने डराकर कहा कि पेड़ पर एक दैत्य रहता है जो गर्दन तोड़ देता है। नरेंद्र ने डरना मना किया और कहा कि बिना सोच-विचार के किसी की बातों पर यकीन नहीं करना चाहिए। बाद में वह महान स्वामी विवेकानंद बने, जो बचपन से ही निडर और समझदार थे।
Chapter 7.1 – नटखट दिवाकर
दिवाकर एक चंचल और बुद्धिमान बच्चा है जिसे गणित सीखने में मज़ा आता है। वह पूरे उत्साह से कुल्फ़ी बनने की प्रक्रिया देखता है और समय जोड़ने में अपनी समझ दिखाता है।
Chapter 19.1 – खेल सन्ध्या
Chapter 17.1 – उठो उठो
Chapter 26.1 – फिर फुर्र
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