NCERT Class 1 Hindi – All Chapters
All chapters of NCERT Class 1 Hindi with notes, solutions, MCQ questions and video lectures. Study each chapter thoroughly with our free CBSE study material.
Chapters List
Chapter 1.0 – मीना का परिवार
मीना का परिवार प्यार और मस्ती से भरा है। वह अपने नटखट भाई दिवाकर के साथ खेलती है, और सब लोग मिलकर खुशियाँ बाँटते हैं।
Chapter 2.0 – दादा-दादी
यह कविता दादाजी और दादी की प्यारी आदतों को बताती है। वे दोनों भूरी खादी पहनते हैं, दादी गाना गाती हैं और दादाजी मुस्काते हैं या कभी गाना भी गा लेते हैं।
Chapter 3.0 – रीना का दिन
यह कहानी रीना की एक दिनचर्या को दिखाती है। वह सुबह जल्दी उठती है, स्वच्छता का ध्यान रखती है, स्कूल जाती है, पढ़ाई और खेल दोनों में आनंद लेती है और रात को दादी की लोरी सुनकर सो जाती है।
Chapter 4.0 – रानी भी
रानी अपनी बड़ी बहन रमा की नकल करती है और स्कूल जाने की कोशिश करती है, लेकिन माँ प्यार से समझाती हैं कि वह अभी बहुत छोटी है।
Chapter 6.0 – तीन साथी
हाथी, बकरी और चिड़िया का बच्चा अच्छे दोस्त बन जाते हैं। वे एक-दूसरे की मदद करते हैं और जंगल में साथ-साथ फल खाते हैं।
Chapter 7.0 – वाह, मेरे घोड़े!
यह कविता एक बच्चे और उसके घोड़े की मस्ती भरी सवारी को दिखाती है। बच्चा घोड़े की चाल, दौड़ और मज़ेदार हरकतों की तारीफ करता है।
Chapter 8.0 – खतरे में साँप
जानवरों ने खतरे से बचने के उपायों पर चर्चा की। सभी को बंदर की सलाह पसंद आई, लेकिन साँप सोच में पड़ गए क्योंकि वे सिर पर पैर रखकर भाग नहीं सकते!
Chapter 9.0 – आलू की सड़क
भालू नानी के घर जाते समय आलू के भरते हुए बोरे में छेद होने से रास्ते में आलू गिरते रहे। बंदर ने इस आवाज़ से भालू के रास्ते का पता लगा लिया।
Chapter 10.0 – झूलम-झूली
इस अध्याय में बच्चे मिट्टी, पानी और खेतों में बीज बोने के साथ-साथ छुपम-छुपाई और झूलम-झूली जैसे खेल खेलते हैं। साथ ही खट-पट भाई की मटर की मजेदार कहानी भी है।
Chapter 11.0 – भुट्टे
नीना के नाना-नानी बाज़ार से भुट्टे लाए। सबने मिलकर भुने और उबले हुए भुट्टे मज़े से खाए। अब आगे की कहानी बच्चों को अपनी कल्पना से बनानी है।
Chapter 12.0 – फूली रोटी
जमाल रसोई में माँ से रोटी बनाना सीखता है। कटोरी की मदद से वह गोल रोटी बनाता है, जो अच्छे से फूलती है। फिर वह अपने दोस्त जय के साथ मिलकर रोटी खाता है।
Chapter 13.0 – मेला
घर के पास लगे मेले में बच्चों ने चाट खाई, झूले झूले और रंग-बिरंगे खिलौने खरीदे। सबने मिलकर मेला खूब आनंद से देखा।
Chapter 14.0 – बरखा और मेघा
बरखा और मेघा मेला देखने जा रही थीं। नदी आने पर बरखा ने सबको तैरकर पार कराने की तरकीब बताई और सबने मिलकर नदी पार कर ली।
Chapter 15.0 – होेली
रंगों के त्योहार होली में बच्चे और बड़े मिलकर खुशियाँ मनाते हैं। ढोल बजते हैं, रंग उड़ते हैं और पकवान खिलाए जाते हैं।
Chapter 16.0 – जन्मदिवस पर पेड़ लगाओ
जन्मदिन पर पेड़ लगाकर हम धरती को हरा-भरा बना सकते हैं। पेड़ हमें फल, फूल और खुशहाली देते हैं।
Chapter 17.0 – हवा
हवा इधर-उधर उड़ती है और मुन्नी से मज़े करती है। मुन्नी हँसते हुए कहती है कि वह हवा को पकड़कर फुग्गे में ले जाएगी।
Chapter 18.0 – कितनी प्यारी है ये दुनिया
इस कविता में बच्चा बताता है कि उसे हवा, सूरज, धरती, जानवर, फूल, खिलौने और अपने परिवार के सभी लोग बहुत प्यारे लगते हैं। उसे पूरी दुनिया बहुत अच्छी लगती है।
Chapter 19.0 – चाँद का बच्चा
इस कविता में बच्चा चाँद को देखकर उसकी तुलना खुद से करता है और सोचता है कि यह छोटा चाँद बड़ा होकर गोल और चमकदार चाँद बनेगा। चाँद जैसे अपने बच्चे को भेजता है, वैसे ही हम भी धीरे-धीरे बड़े होते हैं। यह कविता कल्पना और प्यार से भरी हुई है।
Chapter 1.1 – चंदा मामा दूर के
यह कविता चंदा मामा और मुन्ने की प्यारी बातों को दिखाती है। मुन्ना रूठ जाता है जब प्याली टूट जाती है, फिर सब उसे मनाने और दूध-मलाई खिलाने का वादा करते हैं।
Chapter 4.1 – मुर्गा बोला कुकडू-कूँ
इस कविता में जानवरों की आवाज़ों और मज़ेदार ध्वनियों के साथ एक गाड़ी के चलने की मस्ती भरी कहानी दिखाई गई है।
Chapter 8.1 – कबरी झबरी बकरी
दो बकरियाँ—कबरी और झबरी—साथ चली थीं, पर चलते-चलते एक आगे निकल गई और दूसरी पीछे रह गई। प्यारी सी कविता में उनकी चाल दिखती है।
Chapter 19.1 – कौन परिंदा
यह कविता अलग-अलग पक्षियों की आवाज़ों को मज़ेदार ढंग से बताती है। बच्चे अनुमान लगाते हैं कि कौन सा परिंदा कैसी आवाज़ निकालता है।
Chapter 19.2 – अक्षर गीत
यह कविता अक्षरों के माध्यम से बच्चों को स्वर और व्यंजन की पहचान कराती है। हर अक्षर से जुड़ी रोचक बातों और उदाहरणों के ज़रिए वर्णमाला को मज़ेदार ढंग से सिखाया गया है।
Chapter 12.1 – रोटी अगर गोल न बने
यह कविता कल्पना से भरी है, जिसमें कवि सोचता है कि अगर रोटी गोल न बने और नक्शे जैसी बन जाए, तो उसका क्या किया जाए। अंत में वह सोचता है कि उसे पृथ्वी जैसा गोल बना लेना ही बेहतर है।
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