Q1. 'चतुर गीदड़' नाटक का पहला दृश्य कहाँ होता है?
Q2. मगरमच्छ के तालाब में क्या खत्म हो गई थीं?
Q3. मगरमच्छ किसे खाना चाहता था?
Q4. कछुए ने मगरमच्छ को क्या सलाह दी?
Q5. दूसरे दृश्य में मगरमच्छ कैसा बना हुआ था?
Q6. कछुए ने गीदड़ को क्या बताया?
Q7. गीदड़ ने कहा कि मरने पर मगरमच्छ का क्या हिलता है?
Q8. जब मगरमच्छ ने पूँछ हिलाई तो गीदड़ ने क्या किया?
Q9. कछुए ने मगरमच्छ को क्या कहा जब गीदड़ भाग गया?
Q10. इस नाटक में मुख्य पात्र कौन-कौन हैं?
Q11. कछुए ने मगरमच्छ की मदद क्यों की?
Q12. गीदड़ ने मगरमच्छ को पास से क्यों देखा?
Q13. गीदड़ पहले मगरमच्छ के डर से क्या करता था?
Q14. 'स्वर्ग सिधार जाना' का अर्थ क्या है?
Q15. कछुआ किसका मित्र बन गया था जिसकी मदद वह करने गया?
Q16. गीदड़ ने पहचाना कि मगरमच्छ जीवित है क्योंकि—
Q17. कछुए ने मगरमच्छ को क्या करने की सलाह दी थी?
Q18. पाठ में कौन-सा पशु सबसे अधिक चतुर निकला?
Q19. नाटक के अंत में 'ठहाके' वाला हिस्सा किसके बारे में है?
Q20. नाटक में कछुए का चरित्र कैसा दिखाई देता है?
Q21. इस नाटक का मुख्य संदेश क्या है?
Q22. गीदड़ की चतुराई कहाँ दिखी?
Q23. मगरमच्छ की मूर्खता कहाँ प्रकट हुई?
Q24. नाटक में 'दूसरा दृश्य' क्यों महत्वपूर्ण है?
Q25. यह नाटक किस साहित्यिक परंपरा से जुड़ा है?
Q26. पाठ के अंत में 'ठहाके' क्यों जोड़े गए हैं?
Q27. गीदड़ 'डरते-डरते' पास गया — इससे उसके स्वभाव के बारे में क्या पता चलता है?
Q28. 'अपने मित्र को देखो' — गीदड़ ने यह कहकर कछुए को क्या दिखाना चाहा?
Q29. इस नाटक में पशुओं के माध्यम से मानव समाज की कौन-सी प्रवृत्ति दिखाई गई है?
Q30. कछुए की भूमिका इस नाटक में क्या है?
Q31. नाटक शैली में पाठ लिखने का क्या लाभ है?
Q32. यदि मगरमच्छ ने पूँछ न हिलाई होती तो क्या होता?
Q33. इस कहानी में 'सही समय पर बुद्धि का उपयोग' किसने किया?